थाली में छुपा ज़हर: जानिए नकली पनीर का काला सच!”

by Satta Darpan Admin
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नकली पनीर की सच्चाई और उससे होने वाले खतरनाक असर

बाज़ार में फैलता धोखा
भारत में दूध और दूध से बने उत्पादों की खपत बहुत ज़्यादा है। इसी का फायदा उठाकर कई जगह नकली पनीर तैयार कर बेचा जा रहा है। यह पनीर देखने में बिल्कुल असली लगता है, लेकिन असल में यह रासायनिक पदार्थों और सस्ते विकल्पों से बनाया जाता है।
नकली पनीर पहचानने के आसान तरीके
1. गर्म पानी टेस्ट – असली पनीर को गर्म पानी में डालने पर वह नरम हो जाएगा, जबकि नकली पनीर रबर की तरह खिंचेगा और टूटेगा।

2. ऑयल टेस्ट – नकली पनीर को गर्म करने पर उसमें से बहुत सारा तेल निकलता है, जबकि असली पनीर में ऐसा नहीं होता।

3. टेक्सचर और रंग – असली पनीर सफेद और हल्का दानेदार होता है। नकली पनीर बहुत चिकना और रबड़ जैसा लगता है।

4. खुशबू – असली पनीर में दूध की हल्की महक आती है, नकली में अजीब-सी गंध महसूस होती है।


बीमारियां जो बन सकती हैं जानलेवा
फूड प्वाइज़निंग – नकली पनीर में मिलावट वाले केमिकल पेट और आंतों को खराब कर सकते हैं।
कैंसर का खतरा – यूरिया, डिटर्जेंट, और सिंथेटिक स्टार्च जैसे तत्व लंबे समय तक शरीर में जाकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं।
किडनी व लिवर डैमेज – नकली पनीर में मौजूद हानिकारक पदार्थ धीरे-धीरे किडनी और लिवर को नुकसान पहुँचाते हैं।
इम्यून सिस्टम कमजोर – लगातार सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने की संभावना रहती है।

क्यों ज़रूरी है सतर्क रहना?
हमारे बच्चे और परिवार रोज़मर्रा के खाने में पनीर को पसंद करते हैं। अगर यह नकली हुआ तो सीधे स्वास्थ्य पर वार करता है। इसलिए खरीदारी करते समय भरोसेमंद ब्रांड और दुकानदार से ही पनीर लें।

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