शासन से 32 करोड़ की मंजूरी के बाद मेयर विधायक आमने सामने
रुद्रपुर:
इंदिरा चौक से अटरिया मोड़ तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना अब राजनीतिक रस्साकशी का प्रतीक बन गई है। सड़क के उद्घाटन और शिलान्यास का सिलसिला तीन बार तक दोहराया जा चुका है। इससे न केवल जनता में सवाल उठ रहे हैं, बल्कि भाजपा के भीतर गुटबाज़ी भी खुलकर सामने आ गई है।
19 जुलाई को हुआ भव्य शिलान्यास

विधायक और मेयर ने अलग-अलग किया शुभारंभ

विधायक शिव अरोड़ा का कहना है कि उन्होंने 11 मई 2023 को ही मुख्यमंत्री से इस परियोजना का प्रस्ताव पास करवाया था। शासन से 32 करोड़ की मंजूरी भी मिल चुकी है। वे आरोप लगाते हैं कि मेयर ने बिना उन्हें सूचना दिए और उनकी अनुपस्थिति में उद्घाटन क्यों किया, यह खुद मेयर ही बता सकते हैं।


भाजपा में खींचतान हुई सार्वजनिक
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि रुद्रपुर में भाजपा के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं। एक ही परियोजना का तीन बार उद्घाटन होना जनता की नजर में कहीं न कहीं भाजपा नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है। अब यह मामला सिर्फ विकास का नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप ले चुका है।
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि रुद्रपुर में भाजपा के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं। एक ही परियोजना का तीन बार उद्घाटन होना जनता की नजर में कहीं न कहीं भाजपा नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है। अब यह मामला सिर्फ विकास का नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप ले चुका है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का शुरुआती संकेत है। विधायक और मेयर दोनों ही अपने-अपने समर्थकों के बीच पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं। ऐसे में भाजपा संगठन के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है, क्योंकि गुटबाज़ी यदि इसी तरह बढ़ी तो जनता के बीच नकारात्मक संदेश जाएगा।लंबे समय से जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक से परेशान जनता चाहती है कि सड़क चौड़ीकरण का काम जल्द से जल्द पूरा हो। लेकिन जब नेताओं का ध्यान विकास कार्य की बजाय उद्घाटन की राजनीति पर ज्यादा केंद्रित हो जाता है, तो आम नागरिक निराश महसूस करता है।



