नैनीताल/हल्द्वानी:
उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक स्वर्गीय पप्पू कार्की के परिवार के लिए न्यायालय से राहतभरी खबर आई है। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील को खारिज करते हुए, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) द्वारा पारित ₹90 लाख से अधिक मुआवजे के आदेश को बरकरार रखा है।
न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ का फैसला
7 अक्टूबर (मंगलवार) को न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अधिकरण द्वारा निर्धारित मुआवजा न्यायसंगत है और बीमा कंपनी के आपत्तिजनक तर्कों में कोई ठोस आधार नहीं है।
कंपनी की ओर से मृतक की आय और वाहन चालक की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन अदालत ने सभी तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया।
पृष्ठभूमि — हादसे में गई थी तीन लोगों की जान
यह मामला वर्ष 2018 का है। 9 जून को गौनियारो-हैड़ाखान से हल्द्वानी लौटते समय पप्पू कार्की की कार ग्राम मुरकुड़िया के पास गहरी खाई में जा गिरी थी।
इस दर्दनाक हादसे में गायक पप्पू कार्की, उनके चालक और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
घटना के बाद पप्पू कार्की की पत्नी कविता कार्की ने न्यायालय में मुआवजे की याचिका दायर की थी।
कलाकार जगत में खुशी की लहर
हाईकोर्ट के इस आदेश से राज्यभर के कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने संतोष व्यक्त किया है।
लोकगायक पप्पू कार्की को उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का स्वर कहा जाता था। उनके गीत आज भी पहाड़ की आत्मा को झंकृत करते हैं।
महत्वपूर्ण मिसाल बना फैसला
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उन परिवारों के लिए एक मजबूत उदाहरण है जो सड़क दुर्घटनाओं में अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।
अदालत का यह निर्णय न केवल न्याय का प्रतीक है, बल्कि यह कलाकार समुदाय के लिए भी प्रेरणादायी है कि न्याय भले देर से मिले, लेकिन मिलता अवश्य है।



