दीपावली के नज़दीक आते ही मिलावटखोर फिर सक्रिय हो गए हैं। उधमसिंह नगर में जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने नकली दूध, मावा और पनीरों की कई खेपें पकड़कर नष्ट की हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों में बिकने वाली इन मिलावटी मिठाइयों से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है — इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
खबरों के अनुसार, काशीपुर में नकली दूध और मावा जब्त किया गया और बाजपुर से लगभग दो क्विंटल पनीर तथा पांच किलो मक्खन हासिल किए गए। किच्छा में एक बिना लाइसेंस संचालित मिठाई फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ, जहां पांच क्विंटल लड्डू की बूंदी नष्ट करवाई गई। उससे पहले 22 अप्रैल को काशीपुर में पकड़ी गई एक कार में तांडा (रामपुर) से रामनगर ले जाई जा रही साढ़े तीन क्विंटल मिलावटी मावा व पनीर को मौके पर ही नष्ट किया गया था।
डॉक्टरों की चेतावनी है कि मिलावटी खाने-पीने की चीज़ें शरीर पर धीरे-धीरे विषैला असर दिखाती हैं। इससे पेट संबंधी तकलीफें, लीवर व किडनी की समस्या बढ़ सकती है और लंबे समय में कैंसर का जोखिम भी हो सकता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि इन अनियमितताओं से बचने का सबसे भरोसेमंद उपाय यह है कि उपभोक्ता केवल विश्वसनीय व प्रमाणित दुकानों से ही मिठाइयाँ खरीदें।
फूड सेफ्टी अधिकारी आशा आर्या ने बताया कि दीपावली को ध्यान में रखकर विभाग की छानबीन जारी है। बाहरी राज्यों से लाई जा रही संदिग्ध खेपों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और टीमों ने पहले से ही कई नकली उत्पाद जब्त कर नष्ट किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्व के दौरान मिलावट पर सख्त कार्रवाई चलेगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
पाठकों से अपील: त्योहारों की खरीदारी करते समय निम्न बातों का ख्याल रखें — • सिर्फ भरोसेमंद और लाइसेंसधारी दुकानों से ही मिठाइयाँ खरीदें।
- पैकेटेड सामान खरीदते समय लेबल, मुल्यांकन व वैधता की जांच करें।
- शक होने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।
दीपावली खुशी का त्यौहार है — इसे स्वस्थ और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए मिलावटखोरों के खिलाफ सतर्कता और विभागीय कार्रवाइयाँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।



