नेताओं की नेतागिरी और कानून पर सवाल

by Satta Darpan Admin
30 views

रुद्रपुर में भाजपा पार्षद के भतीजे की बाइक सीज होने के बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कानून नेताओं और आम आदमी के लिए अलग-अलग क्यों नजर आता है। आम जनता का चालान कटता है तो वह जुर्माना भरकर चुपचाप घर लौट जाती है, लेकिन जब बात नेताओं या उनके परिवारजनों की आती है तो सड़क पर हंगामा खड़ा कर दिया जाता है।

भाजपा पार्षद अपने भतीजे को कानून का पालन करने की नसीहत देने की बजाय खुद धरने पर बैठ गए। इस दौरान शहर के मेयर विकास शर्मा भी मौके पर पहुँच गए। सवाल यह है कि आखिर क्यों कानून की कसौटी पर नेताओं का व्यवहार अलग दिखता है?

यदि कानून का पालन हर नागरिक का कर्तव्य है, तो नेता भी उससे ऊपर नहीं हो सकते। जनता उम्मीद करती है कि जो लोग कानून बनाने का काम करते हैं, वे सबसे पहले खुद उसका पालन करें।

यह घटना केवल एक बाइक सीज होने की नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की है। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, तभी जनता में भरोसा कायम रहेगा। नेतागिरी दिखाने की बजाय नेताओं को यह संदेश देना चाहिए कि वे खुद कानून के पालन में सबसे आगे हैं।

You may also like

सत्ता दर्पण एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल है, जिसका उद्देश्य सत्य, निष्पक्ष एवं त्वरित खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता का मूल धर्म है – सच को सच के रूप में सामने लाना। इसी सोच के साथ हम हर ख़बर की गहराई में जाकर तथ्यों की जाँच करते हैं और उसे बिना किसी पक्षपात के आपके सामने रखते हैं।

 

u00a92022 All Right Reserved. Designed and Developed by PenciDesign

Adblock Detected

Please support us by disabling your AdBlocker extension from your browsers for our website.