परीक्षाएँ हर विद्यार्थी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती हैं। इस समय बच्चों पर पढ़ाई का दबाव, भविष्य की चिंता और अच्छे अंक लाने की अपेक्षा का भार रहता है। ऐसे समय में माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि घर का वातावरण सकारात्मक और सहयोगपूर्ण हो, तो बच्चा अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकता है।
सबसे पहले, माता-पिता को घर में शांत और प्रेरणादायक माहौल बनाना चाहिए। अनावश्यक डाँट-फटकार या बार-बार परिणाम की चर्चा बच्चे के मन में तनाव बढ़ा सकती है। बच्चों की तुलना अन्य विद्यार्थियों से करना उनके आत्मविश्वास को कम कर देता है। हर बच्चा अलग होता है और उसकी क्षमता भी अलग होती है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात है संतुलित दिनचर्या। माता-पिता बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई का एक सरल और व्यावहारिक टाइम-टेबल बनाएं, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ आराम और पर्याप्त नींद का भी ध्यान रखा जाए। 6 से 8 घंटे की नींद मानसिक ताजगी के लिए आवश्यक है।
पौष्टिक आहार भी परीक्षा के समय अत्यंत आवश्यक है। दूध, फल, हरी सब्जियाँ, दाल, मेवा आदि बच्चों को ऊर्जा प्रदान करते हैं। जंक फूड और अत्यधिक चाय-कॉफी से बचाना चाहिए। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है।
माता-पिता को बच्चों से रोज़ कुछ समय सामान्य बातचीत भी करनी चाहिए। यदि बच्चा तनाव में दिखे तो उसे समझने की कोशिश करें। उसे यह विश्वास दिलाएँ कि परिणाम चाहे जो भी हो, परिवार उसका साथ देगा। सकारात्मक शब्द और प्रोत्साहन बच्चे के लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाते हैं।
अंत में, यह याद रखना चाहिए कि बोर्ड परीक्षा जीवन का केवल एक चरण है, सम्पूर्ण जीवन नहीं। बच्चों को मेहनत करने के लिए प्रेरित करें, लेकिन परिणाम का अनावश्यक दबाव न डालें। आपका विश्वास और स्नेह ही उनके आत्मबल की सबसे मजबूत नींव है।
जब माता-पिता सहयोगी बनते हैं, तब बच्चे आत्मविश्वासी बनते हैं।



