रुद्रपुर CNG पंप पर गैस भरवाते समय एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। यही वजह है कि IndianOil-Adani Gas Pvt. Ltd. के सुरक्षा बोर्ड पर सबसे पहला और मुख्य निर्देश ‘मोबाइल फोन/बैटरी से चलने वाले उपकरणों का उपयोग न होने दें’ लिखा होता है। लेकिन आवास विकास स्थित PAC द्वारा संचालित इंडियन ऑयल के CNG स्टेशन पर कर्मचारियों द्वारा इस नियम की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

मोबाइल फोन क्यों है बम के समान?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो मोबाइल फोन एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव’ (विद्युत चुंबकीय तरंगों) पर काम करता है।
- इलेक्ट्रोस्टेटिक डिस्चार्ज: मोबाइल के इस्तेमाल या अचानक गिरने से पैदा हुई एक छोटी सी ‘स्पार्क’ (चिंगारी) वातावरण में मौजूद गैस के कणों के संपर्क में आकर तुरंत आग पकड़ सकती है।
- बैटरी का खतरा: मोबाइल की बैटरी के गर्म होने या कॉल आने के दौरान होने वाली हलचल भी संवेदनशील गैस पंपों के पास जानलेवा साबित हो सकती है।
नियमों को ठेंगे पर रख रहे कर्मचारी
मौके पर मौजूद चश्मदीदों और तस्वीरों से यह साफ है कि सुरक्षा नियमों का बोर्ड केवल ‘दिखावे’ के लिए लगा है। स्टेशन पर तैनात कर्मचारी और वहां आने वाले वाहन चालक बेखौफ होकर मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं।

गैस रिफिलिंग के दौरान मोबाइल पर बात करना या उसे सक्रिय रखना किसी भी क्षण एक भयानक दुर्घटना को जन्म दे सकता है। PAC जैसे जिम्मेदार संस्थान द्वारा संचालित होने के बावजूद कर्मचारियों का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



